प्रयागराज के भगवतपुर अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल में अव्यवस्था का आरोप, मृत गोवंश के खुले में पड़े होने से उठे गंभीर सवालप्रयागराज के भगवतपुर अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल में अव्यवस्था का आरोप, मृत गोवंश के खुले में पड़े होने से उठे गंभीर सवाल
प्रयागराज। प्रयागराज जनपद के भगवतपुर स्थित अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल (गौशाला) की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशाला में अव्यवस्था और प्रबंधन की कथित लापरवाही के कारण गोवंश की उचित देखभाल नहीं हो पा रही है। आरोप है कि बीमार और कमजोर गायों की समय पर देखभाल न होने से उनकी मौतें हो रही हैं, जिससे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
- ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जिन गायों की मृत्यु हो जाती है, उनके शवों का नियमानुसार और सम्मानजनक तरीके से निस्तारण नहीं किया जाता। बताया जा रहा है कि कई स्थानों पर मृत गोवंश के शव खुले में पड़े रहते हैं, जिन्हें आवारा कुत्ते नोचते हुए दिखाई देते हैं। इससे न केवल धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात कही जा रही है, बल्कि आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैलने और संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशाला के संचालन पर शासन द्वारा हर वर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं ताकि निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय, पर्याप्त चारा, स्वच्छ पानी और समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इसके बावजूद यदि व्यवस्थाओं में इस प्रकार की लापरवाही हो रही है, तो यह संबंधित अधिकारियों और प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत किए जाने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो और अधिक गोवंश की जान खतरे में पड़ सकती है।