सुशासन’ के दावों की उड़ रही धज्जियां, अहमदपुर पवान बना अवैध धंधों का अड्डा!

प्रयागराज ब्रेकिंग: ‘सुशासन’ के दावों की उड़ रही धज्जियां, अहमदपुर
पवान बना अवैध धंधों का अड्डा!

रिपोर्टर रमन साहू
प्रयागराज एक्सप्रेस लाइव न्यूज़
जनपद प्रयागराज सच 

प्रयागराज: संगम नगरी में एक तरफ जहां ‘राम राज्य’ और ‘जीरो टॉलरेंस’ का डंका पीटा जा रहा है, वहीं जनपद के ग्राम अहमदपुर पवान से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वो शासन और प्रशासन के इकबाल पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर रही हैं। ऐसा लग रहा है जैसे स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग ने अपनी आंखों पर ‘सुविधा’ की पट्टी बांध ली है।

महुआ की धार और सुअरों का बाजार: गांव बना नरक!

ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। आरोप है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी के सख्त निर्देशों के बावजूद, अहमदपुर पवान गांव में सूअर का मांस खुलेआम बेचा जा रहा है। इतना ही नहीं, हर गली-मोहल्ले में महुआ की अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है।
बड़ा सवाल: क्या इन अवैध कारोबारियों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है? या फिर थाना पूरामुक्ति वाकई इस पूरे खेल से बेखबर है?

नियमों की धज्जियां: स्कूल के पास कैसे खुली दुकान?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त आदेश है कि शराब की दुकान आबादी और शिक्षण संस्थानों से दूर होनी चाहिए। लेकिन अहमदपुर पवान में नियम कागजों तक सीमित हैं:
स्कूलों पर संकट: दुकान के बिल्कुल बगल में दो-दो स्कूल संचालित हैं। मासूम बच्चों के भविष्य पर शराबियों के हुड़दंग का साया मंडरा रहा है।
समय की पाबंदी गायब: नियम कहते हैं कि शराब की दुकान खुलने का एक निश्चित समय है, लेकिन यहाँ सुबह 5:00 बजे से ही पियक्कड़ों का जमावड़ा लग जाता है।

❓ जनता पूछ रही है तीखे सवाल:
किस अधिकारी की मिलीभगत से स्कूल के पास शराब का ठेका आवंटित हुआ?

क्या ‘पूरामुक्ति थाना’ कुंभकर्णी नींद सो रहा है या जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है?
क्या उच्च अधिकारी इस शिकायत को गंभीरता से लेंगे या इसे भी ‘ठंडे बस्ते’ में डाल दिया जाएगा?
प्रशासन को खुली चुनौती:
ग्रामीणों ने अब सीधे उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है। देखना यह है कि क्या प्रयागराज का प्रशासन इन ‘सफेदपोश’ और ‘वर्दीधारी’ मददगारों पर नकेल कसता है या फिर अहमदपुर पवान की जनता इसी तरह अवैध धंधों और गंदगी के बीच जीने को मजबूर रहेगी।

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