बिजली विभाग की लापरवाही से फूटा जनता का गुस्सा, मनौरी पावर हाउस के उपभोक्ता बेहाल
कपूर यादव
कौशांबी
मनौरी पावर हाउस
बिजली विभाग की मनमानी और उच्च अधिकारियों की लगातार टालमटोल से ग्रामीण उपभोक्ताओं का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। महीनों से अघोषित बिजली कटौती, जर्जर लाइनें, लो-वोल्टेज और गलत बिजली बिल जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही जनता जब समाधान की उम्मीद लेकर अधिकारियों के पास पहुंचती है, तो उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लेने के बजाय गोलमोल जवाब देकर अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आते हैं। चाहे पुराने तार और खंभे बदलने का मामला हो या घंटों बिना सूचना बिजली काटने का, विभाग के पास न कोई स्पष्ट योजना है और न ही समस्याओं के समाधान की तय समयसीमा।
स्थानीय उपभोक्ताओं ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। छोटे कारोबारी, किसान और छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही कई उपभोक्ताओं को मनमाने और भारी-भरकम बिजली बिल थमाए जा रहे हैं, जिससे लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
एक पीड़ित उपभोक्ता ने नाराजगी जताते हुए कहा, “जब भी शिकायत लेकर जाते हैं तो अधिकारी कहते हैं कि काम चल रहा है या बजट नहीं आया है। लेकिन महीनों बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। विभाग जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।”
बिजली विभाग के शीर्ष अधिकारियों की चुप्पी और लापरवाह रवैये ने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो उपभोक्ता सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।